Yo – yo test : यो -यो टेस्ट क्या है ,इसकी शुरुआत कब हुई ,हालही में आईपीएल से पहले इस टेस्ट में हार्दिक पंड्या हुए पास और पृथ्वी शॉ हुए फेल

0

 नमस्कार आज के इस खास लेख में हम जानेंगे यो -यो टेस्ट के बारे में  जब भी टीम सलेक्शन की बात होती है हमेशा ही एक टेस्ट की बड़ी चर्चा होती  (yo – yo test)   यो -यो टेस्ट जैसे हमे एक कक्षा से दूसरे कक्षा में प्रवेश लेने के लिए परीक्षा पास करनी होती है वैसे ही  भारतीय टीम में खेलने के लिए भी यो -यो टेस्ट से गुजरना पड़ता है

कई लोंगो के जहन में यो -यो सुनकर हनी सिंह आ गए होंगे लेकिन भारतीय टीम के इस यो -यो टेस्ट (yo – yo test )में  कड़े परिश्रम से गुजरना पड़ता है , इसके कारण ही हमारी टीम इंडिया के

 खिलाड़ियों की फिटनेस में काफी सुधार देखने को मिला है। जिससे हमारी टीम की फील्डिंग में काफी सुधार हुआ है क्योंकि खेल में फिटनेस का बड़ा रोल होता है 

Yo - yo test

हार्दिक हुए यो – यो टेस्ट( yo – yo test ) में पास पृथ्वी हुए फेल

आईपीएल के 15वें  संस्करण से ठीक पहले हार्दिक पंड्या और पृथ्वी शॉ समेत कई भारतीय खिलाड़ियों का( yo – yo test )यो-यो टेस्ट हुआ। हार्दिक पंड्या  तो टेस्ट में पास हो गए, लेकिन पृथ्वी शॉ फेल हो गए।

पृथ्वी शॉ यो-यो टेस्ट( yo – yo test ) में फेल होने वाले पहले खिलाड़ी नहीं हैं। उनसे पहले युवराज सिंह, सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, मोहम्मद शमी, संजू सैमसन और वरुण चक्रवर्ती भी इसे पास करने में नाकाम रहे हैं। पृथ्वी बीसीसीआई द्वारा अनुबंधित नहीं हैं इसलिए वे आईपीएल में फ्रेंचाइजी की ओर से खेल सकते हैं, लेकिन हार्दिक के मामले में ऐसा नहीं है। हार्दिक अगर फेल होते तो बोर्ड उन्हें आईपीएल में नहीं खेलने देता, क्योंकि उनके पास बीसीसीआई का सालाना अनुबंध है।

Read also : Top 3 indian player आईपीएल इतिहास के 3 ऐसे भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने एक ओवर 25 रन बनाने का कारनामा तीन बार किया है

 

यो – यो टेस्ट की शुरुआत कब से हुई

आइए जानते है यो -यो टेस्ट की शुरुआत कैसे हुई डेनमार्क के फुटबाल  फिजियोलॉजिस्ट डॉ जेन्स बैंग्सबो ने 1990 के समय  में इंटरमिटेंट रिकवरी टेस्ट (यो-यो टेस्ट) की शुरुआत की थी। सबसे पहले यो -यो टेस्ट का यह नियम फुटबाल और  अन्य खेलों में इसे  अप्लाई किया गया था क्रिकेट में सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड ने इसे अप्लाई किया था इस टेस्ट का मक़सद यही है कि खिलाड़ियों की फिटनेस लेवल खेल के मुताबिक शानदार बना रहे.और यह टेस्ट आसान बिल्कुल भी नही होता है इसमें कई पड़ाव खिलड़ियों को पर करके अपनी फिटनेस का प्रमाड़ देना पड़ता है

Read also : अफगानिस्तान के ताबड़तोड़ बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज को जेसन रॉय की जगह आईपीएल 2022 में मिला खेलने का मौका

इंडियन क्रिकेट टीम में यो-यो टेस्ट कब शुरू किया गया

पूर्व इंडियन क्रिकेट टीम के स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच शंकर बासु ने 2017 में इंडियन टीम  के श्रीलंका दौरे से पहले राष्ट्रीय टीम में यो-यो टेस्ट की शुरुआत की थी।

  

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें